कभी-कभी हमारी जिज्ञासा हमें ऐसी जगहों तक ले जाती है, जहाँ जाना खतरों से खाली नहीं होता। यह कहानी एक छोटे कस्बे के लड़के करण की है, जिसे एक पुरानी कब्र के रहस्य ने हमेशा के लिए बदल दिया।
रास्ते पर दिखने वाली अजनबी कब्र

करण का स्कूल गाँव से कुछ दूर था। रोज़ाना बस से जाते समय उसकी नज़र एक वीरान रास्ते पर पड़ी कब्र पर टिक जाया करती। पेड़ों से घिरे उस स्थान पर अकेली बनी वह कब्र उसे हर बार रहस्यमयी लगती।
एक दिन छुट्टी के बाद, हिम्मत करके वह अपनी साइकिल रोककर उस कब्र तक पहुँच गया। कब्र पर नाम लगभग मिट चुका था। चारों तरफ सूखे पत्ते और धूल जमी थी। तभी अचानक वातावरण में एक अजीब-सी खुशबू फैल गई—तेज़ और नशीली, जैसे किसी इत्र की। करण को अचरज हुआ क्योंकि वहाँ कोई मौजूद नहीं था।
घर लौटने के बाद बदलाव

उस शाम घर लौटने पर करण का स्वभाव बदला-बदला लगा। वह सामान्य बातचीत से बचने लगा, गुस्से में रहने लगा और खाने से भी इंकार कर दिया। रात होते ही उसका शरीर बुखार की तरह तपने लगा। उसे महसूस हुआ जैसे कोई अनजानी ताकत उसे दबोच रही हो।
करीब आधी रात को वह अचानक उठकर घर से बाहर भागा। आँगन में खड़ा होकर वह जोर-जोर से हँसने और चिल्लाने लगा। चाँदनी जैसे ही बादलों से निकली, उसकी आवाज़ और डरावनी हो गई। माता-पिता घबराकर बाहर आए और उससे बात करने की कोशिश की, मगर करण की आँखों में अजीब चमक थी। उसने खुद को “नसीर” कहकर पुकारा—यह नाम सुनकर सभी दंग रह गए।
आत्मा का असर

अब स्थिति संभालना मुश्किल था। अगले दिन सुबह तक करण का कमरा बाहर से बंद कर दिया गया ताकि वह किसी को नुकसान न पहुँचा सके। परिवार ने गाँव के एक ज्ञानी साधु को बुलाया। साधु ने अंदर जाते ही कहा कि उस पर किसी आत्मा का वास है।
उन्होंने करण को तावीज़ पहनाया और उस पर सुगंधित तेल छिड़का। कुछ देर तक वह तड़पता रहा और फिर धीरे-धीरे शांत हो गया।
असली राज़

साधु ने बताया कि यह आत्मा नसीर नाम के युवक की है, जो कभी पास की इत्र फैक्ट्री में काम करता था। फैक्ट्री में आग लगने से उसकी मौत हो गई थी और उसकी कब्र उसी रास्ते पर बनाई गई थी। उसकी आत्मा अक्सर इत्र की खुशबू के ज़रिए लोगों तक पहुँचती है।
करण के पिता ने उसे चेताया कि वह अब कभी उस कब्र के आस-पास न जाए और तावीज़ हमेशा अपने पास रखे।
सबक
इस घटना के बाद करण ने उस जगह का रुख कभी नहीं किया। यह अनुभव उसके जीवनभर की यादों में डर और रहस्य के रूप में दर्ज हो गया।





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